पेपर लीक मामला- हरिद्वार के सेक्टर मजिस्ट्रेट केएन तिवारी को किया गया निलंबित

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उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा आयोजित स्नातक स्तरीय परीक्षा में अनियमितता के मामले में कार्मिक विभाग ने कड़ी कार्रवाई की है। परियोजना निदेशक, जिला ग्राम्य विकास अभिकरण, हरिद्वार के सेक्टर मजिस्ट्रेट केएन तिवारी को निलंबित कर दिया गया है। उन पर आरोप है कि उन्होंने परीक्षा केंद्र पर पर्यवेक्षण का कार्य ठीक से नहीं किया, जिससे एक अभ्यर्थी प्रश्नपत्र के 12 प्रश्नों की फोटो खींचकर बाहर भेजने में सफल रहा।

 

निलंबन के प्रमुख कार्यवाही:

 

निलंबन:

केएन तिवारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है और उन्हें आयुक्त, ग्राम्य विकास कार्यालय, पौड़ी से सम्बद्ध किया गया है।

 

जीविका निर्वाह भत्ता:

निलंबन की अवधि में उन्हें वित्तीय नियमों के अनुसार जीवन निर्वाह भत्ते की धनराशि अर्द्धवेतन पर देय अवकाश वेतन की राशि के बराबर देय होगी।

 

अन्य प्रतिकर भत्ते:

निलंबन के दिनांक को प्राप्त वेतन के आधार पर अन्य प्रतिकर भत्ते भी देय होंगे, बशर्ते कि उनका समाधान हो जाए कि उन्होंने उस मद में व्यय वास्तव में किया है जिसके लिए उक्त प्रतिकर भत्ते अनुमन्य हैं।

 

भुगतान की शर्त:

 

निलंबन अवधि में भुगतान तभी किया जाएगा जब श्री केएन तिवारी यह प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करेंगे कि वे किसी अन्य सेवायोजन, व्यापार या व्यवसाय में नहीं लगे हैं ¹.

 

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