2023 के सिलक्यारा टनल रेस्क्यू ऑपरेशन की साहसिक गाथा को मंच पर उतारा नाटक के माध्यम से, राष्ट्रीय स्तर पर मिली पहचान

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देहरादून/उत्तरकाशी।

उत्तराखंड के उत्तरकाशी में वर्ष 2023 में हुए ऐतिहासिक सुरंग बचाव अभियान पर आधारित नाटक ‘मिशन सिलक्यारा’ को इस वर्ष के प्रतिष्ठित भारत रंग महोत्सव (भारंगम) में शामिल किया गया है। यह उत्तराखंड के लिए गर्व का विषय है कि राज्य की एक वास्तविक घटना पर आधारित नाट्य प्रस्तुति को राष्ट्रीय मंच पर स्थान मिला है।

यह नाटक वर्ष 2023 में उत्तरकाशी के सिलक्यारा टनल में हुए बहुचर्चित रेस्क्यू ऑपरेशन की सच्ची घटनाओं पर आधारित है, जब सुरंग में फंसे श्रमिकों को कई दिनों की कड़ी मशक्कत के बाद सुरक्षित बाहर निकाला गया था। देशभर की निगाहें इस अभियान पर टिकी थीं और बचाव दलों के अथक प्रयासों ने इसे एक ऐतिहासिक सफलता में बदल दिया था। इस पूरे मिशन में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री भी हर समय सिलक्यारा मौजूद रहे और जबतक मजदूर बाहर नहीं निकले वो शांत नजर नहीं आए।

नाटक ‘मिशन सिलक्यारा’ में रेस्क्यू टीमों के साहस, तकनीकी चुनौतियों, प्रशासनिक समन्वय और फंसे श्रमिकों के धैर्य को संवेदनशील और प्रभावशाली ढंग से मंचित किया गया है। प्रस्तुति के माध्यम से दर्शकों को उस कठिन दौर की मानसिक और भावनात्मक स्थिति का अनुभव कराने का प्रयास किया गया है।

आयोजकों के अनुसार, इस नाटक का चयन उसकी समकालीन प्रासंगिकता, शोधपूर्ण प्रस्तुति और सशक्त अभिनय के आधार पर किया गया है। भारंगम देश का सबसे बड़ा रंगमंचीय महोत्सव है, जहां देश-विदेश के चुनिंदा नाटकों को मंचन का अवसर मिलता है।

 

राज्य के रंगकर्मियों और सांस्कृतिक जगत से जुड़े लोगों ने इस उपलब्धि को उत्तराखंड के लिए गौरवपूर्ण बताया है। उनका कहना है कि ‘मिशन सिलक्यारा’ न केवल एक रेस्क्यू ऑपरेशन की कहानी है, बल्कि यह मानव जिजीविषा, टीमवर्क और उम्मीद की भी प्रेरक गाथा है।

इस चयन से उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर नई मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है

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